Sign In

योगमाया स्तुति | Shri Yogmaya Stuti | Free PDF Download

योगमाया स्तुति | Shri Yogmaya Stuti | Free PDF Download

जय जय जग नायिका जग सुख दयिका नमन करे तुझे संता,
ऐं ह्रीं बीज दायक सुरगण नायक नमन करे भगवन्ता ।
हे अन्न धन वर्षिणी सब जग कर्षिणी दुख न पावे कोई,
जो रूप उजाला अति विकराला करो अनुग्रह सोई,
जय जय महाशक्ति अतुलित भक्ति व्यापक परमानंदा,
हे दुख विनाशिनी हृदय निवासिनी हरो मम वेगी प्रचण्डा ।
जेहि जोगी विरागी यति अनुरागी सुमिरत त्यागे काया,
निशि वासर ध्यावहिं गुण गण गावहिं जयति योगमाया ।
जय जय तेजस्विनी महातपस्विनी पतित पावनी गंगा,
जो काली कपालिनी महाविकरालिनी नित रहे शिव के संगा,
तू ही महालक्ष्मी दुर्गा काली अंत न पावे कोई,
जो मन से ध्यावे सुने सुनावे अनुग्रह पावे सोई,
जय जय हे भवानी शिव पटरानी तू ही ज्ञान निकंदा,
हे महाविलासिनी हृदय निवासिनी हरो मम वेगी प्रचण्डा ।
जेहि जोगी विरागी यति अनुरागी सुमिरत त्यागे काया,
निशि वासर ध्यावहिं गुण गण गावहिं जयति योगमाया ।
जय जय शिवनायिका हे महाकालिका गण है तेरे हनुमंता,
नित उठ गावे तुझे सुनावे यश तेरा तुझको संता,
मां तू ही भवानी महादयानी तुझको ध्यावे जोई,
अतुलित भक्ति अतुलित शक्ति नित नित पावे सोई,
हे मां अविनाशी हे सुखराशि तू ही परमानंदा,
कैलाश निवासिनी दैत्य विनाशिनी हरो मम वेगी प्रचण्डा ।
जेहि जोगी विरागी यति अनुरागी सुमिरत त्यागे काया,
निशि वासर ध्यावहिं गुण गण गावहिं जयति योगमाया ।
जयति योगमाया ।
जयति योगमाया ।
जयति योगमाया ।

Download PDF