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वास्तु के अनुसार घर में शौचालय किस दिशा में होना चाहिए (Vastu Shastra Ke Anusar Ghar Me Sochalay Kis Disha Me Hona Chahiye)

वास्तु के अनुसार घर में शौचालय किस दिशा में होना चाहिए (Vastu Shastra Ke Anusar Ghar Me Sochalay Kis Disha Me Hona Chahiye)

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शुरू से लेकर आज तक वास्तु शास्त्र को काफी महत्व दिया जाता है। कहा जाता है कि वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार यदि कोई काम करें तो उसमें कोई भी समस्या नहीं आती है और यही वजह है कि वास्तु का काम हर स्थान पर किया जा सकता है। यहीं नहीं वास्तु शास्त्र के नियमों के मुताबिक शौचालय किस दिशा में बननी चाहिए ये भी बताया जाता है।

यदि आप भी अपने घर में या फिर ऑफिस वगैरह जैसी जगहों पर शौचालय का निर्माण कराना चाहते है, तो आपके लिए वास्तु काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कहने का मतलब यह है कि जब आप वास्तु के मुताबिक अपने घर का नक्शा बनाएंगे तो आपको उस समय अपने शौचालय के बारे में भी विचार करना चाहिए।

वास्तु शास्त्र में वास्तु के मुताबिक शौचालय किस दिशा में बनानी चाहिए इसकी जानकारी भी दी गई है और यदि आप भी सही दिशा में शौचालय का निर्माण करेंगे तो आपकी समस्याएं कम या दूर हो सकती है। 

आइये जानते हैं, वास्तु के अनुसार शौचालय निर्माण करते समय आपको कौन कौन सी बातों को ध्यान में रखना चाहिए :

वास्तु के अनुसार शौचालय निर्माण के कुछ नियम :

यदि आप भी अपने घर या ऑफिस का शौचालय निर्माण करवाना चाहते है, तो आपको शौचालय बनवाने से पहले कई महत्वपूर्ण बातों पर खास ध्यान रखने की जरूरत होगी। जो कि इस प्रकार है :

  • जब भी आप शौचालय का निर्माण करवा रहे हो, तो उस समय आपको ध्यान देना है कि उसमें लगने वाली मशीनों के कारण कोई भी नेगेटिव एनर्जी उत्पन्न न हों। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि ऐसा कुछ हुआ तो आपके परिवार या परिवार के किसी भी सदस्य की तबीयत खराब हो सकती है।
  • वास्तु शास्त्र में यह नियम बनाया गया है कि आपको शौचालय और बाथरूम दोनों को एक साथ नहीं बनवाना है क्योंकि ये वास्तु दोष माना जाता है और इसी दोष के कारण आपको काफी भारी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
  • आपको सबसे ज्यादा इस बात पर ध्यान देना है कि कहीं शौचालय बनाने के चक्कर में आप पॉजिटिव एनर्जी को ही न नष्ट कर दें। यदि ऐसा हुआ तो आपको आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। इससे घर की शांति गायब हो सकती है।
  • शौचालय बनाने के लिए आपको हमेशा नकारात्मक ऊर्जा वाली स्थान का ही चुनाव करना चाहिए।
  • आपको कभी भी घर के मुख्य द्वार के सामने शौचालय वगैरह नहीं बनवाना चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का जमाव हो सकता है।
  • शौचालय निर्माण करने के लिए आपको हमेशा घर के नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा का ही चुनाव करना चाहिए।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक इन दिशाओं में भूल कर भी न बनवाएं शौचालय :

वास्तु शास्त्र के मुताबिक ही किसी को भी अपने घर या ऑफिस का शौचालय निर्माण कराना चाहिए और यही उनके लिए फायदेमंद साबित होगा। तो चलिए अब आगे के लेख में हम जानते है कि आखिर हमें किस दिशा में भूलकर भी शौचालय नहीं बनवाना चाहिए और क्यों ?

1. आपको पश्चिम दिशा की ओर भूल कर भी शौचालय नहीं बनवाना चाहिए। इस दिशा का इस्तेमाल करने से आपको अपने मन के मुताबिक फल प्राप्त नहीं होगा।

2. आपको शौचालय के लिए कभी उत्तर दिशा का चुनाव नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपको अपनी जॉब करने में काफी पीड़ा होगी और पैसे प्राप्त करने में भी समस्या खड़ी हो जाएगी। 

3. आपको शौचालय के लिए उतर-पूर्व दिशा का भी चयन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से बीमारी दूर होने के बजाए बढ़ सकती है और परिवार के सदस्य ज्यादातर बीमार हो सकते है।

4. आपको कभी भी रसोई घर के आस पास शौचालय नहीं बनवानी है।

5. शौचालय निर्माण करने हेतु पूर्व दिशा का भी ना करें चयन नहीं तो ऐसा करने से आप अपने आपको हमेशा थका हुआ ही महसूस करेंगे और इसके अलावा आपका सामाजिक रिश्ता टूटने का भी खतरा होता है।

6. यदि आप वास्तु शास्त्र के मुताबिक अपना शौचालय निर्माण नहीं करवाते है, तो इससे आप के घर परिवार में मनमुटाव हो सकता है, यदि आप शादीशुदा है तो आप दोनों पति पत्नी गलतफहमी के शिकार बन सकते है। इसके अलावा यदि आपका व्यवसाय है तो आपको अपने व्यवसाय में घाटे का भी सामना करना पड़ सकता है। 

वास्तु शास्त्र के मुताबिक इन दिशाओं में बना सकते है शौचालय :

तो चलिए अब आगे जानते है कि आखिर हम किस दिशा में अपने घर के शौचालय का निर्माण करवा सकते है :

  • वास्तु शास्त्र के मुताबिक आपके शौचालय के लिए दक्षिण और पश्चिम दिशा उत्तम होगा।
  • आपके घर के शौचालय का गटर के लिए आपको घर के पश्चिम या उत्तर दिशा का ही चुनाव करना चाहिए।
  • यदि हम दरवाजा या खिड़की की चर्चा करें तो इसके लिए आप दक्षिण दिशा को छोड़कर किसी भी दिशा में बनवा सकते है।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक बाथरूम :

आइये जानते है वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम का निर्माण किस दिशा में करवानी चाहिए :

1. वास्तु शास्त्र के अनुसार हमें अपने शौचालय और बाथरूम को अलग इसलिए बनाना चाहिए क्योंकि शौचालय में राहु और बाथरूम में चंद्रमा का वास होता है और ये दोनों कभी एक साथ नहीं होने चाहिए नहीं तो इससे ग्रहण लग जाएगा। इस ग्रहण की वजह से ही काफी सारे दोष पैदा हो जाते है और इसका ही बुरा प्रभाव आपके मन और हेल्थ पर पड़ता है। यही कारण है कि आपको कभी भी शौचालय और बाथरूम को एक साथ नहीं बनवाना चाहिए।

2. स्नानघर और शौचालय को अलग अलग स्थान पर निर्माण करवाएं।

3. आपको स्नानघर का नल इस तरह सेट करना है जिससे कि पानी का बहाव उत्तर या पूर्व दिशा हों।

4. ध्यान रहे की स्नानघर का फर्श चिकना बिल्कुल नहीं होना चाहिए। ऐसा करने से आप फिसलकर गिर सकते है और किसी को भी नुकसान पहुंच सकती है।

5. आपके स्नानघर का नल टपकता है तो इसे जल्द से जल्द ठीक करें।

6. आपको अपने स्नानघर की खिड़की पूर्व दिशा की ओर ही बनानी चाहिए।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक शौचालय का सीट किस दिशा में होनी चाहिए 

आपको वास्तु शास्त्र के मुताबिक ही शौचालय की सीट का निर्माण करवाना चाहिए। तो चलिए जानते है कि किस दिशा में शौचालय की सीट निर्माण करवाना चाहिए :

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार हमें शौचालय का सीट हमेशा पश्चिम या दक्षिण दिशा में ही बनाना चाहिए। 

  • वास्तु शास्त्र के मुताबिक दक्षिण– पश्चिम शौचालय के सीट के लिए सबसे उत्तम दिशा माना जाता है।

Frequently Asked Questions

1. वास्तु शास्त्र के मुताबिक शौचालय के लिए कौन सी दिशा उत्तम होगी ?

वास्तु शास्त्र के मुताबिक आपको हमेशा घर की दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा का ही चुनाव करना चाहिए।

2. वास्तु शास्त्र के मुताबिक क्या बाथरूम और शौचालय को एक साथ निर्माण किया जा सकता है ?

वास्तु शास्त्र के मुताबिक बाथरूम और शौचालय को अलग अलग निर्माण करवाना ही शुभ माना जाता है।

3. वास्तु शास्त्र के अनुसार शौचालय का सीट किस दिशा में होनी चाहिए ?

वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको शौचालय का सीट हमेशा पश्चिम या दक्षिण दिशा में ही निर्माण करवाना चाहिए।

4. वास्तु के मुताबिक यदि सही दिशा में शौचालय का निर्माण नहीं करवाया गया तो क्या हो सकता है ?

सबसे पहले तो आपको अपना शौचालय हमेशा वास्तु शास्त्र के अनुसार ही निर्माण कराना जरूरी है। यदि आप ऐसा नहीं करते है तो इससे आपको कई तरह के नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।