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महाकाल ज्योतिर्लिंग से जुड़ें 10 जरुरी बातें (Mahakal Jyotirlinga Se Juden 10 Jaruri Batein)

महाकाल ज्योतिर्लिंग से जुड़ें 10 जरुरी बातें (Mahakal Jyotirlinga Se Juden 10 Jaruri Batein)

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क्या आप भी मध्यप्रदेश की तीर्थ नगरी उज्जैन महाकाल मंदिर (ujjain mahakal mandir) जाने की प्लानिंग कर रहें है, यदि हां तो आप यकीनन वहां पर पुण्य सलिला शिप्रा तट के पास में स्थित 6ठी शताब्दी ईसा से पहले निर्मित महाकाल ज्योतिर्लिंग के दर्शन जरूर करने जा रहें है। यदि आप भी दर्शन करने जा ही रहें है, तो उससे पहले आपको इस मंदिर से जुड़ी 10 खास बातें जरूर जान लेना चाहिए।

उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग जुड़ी 10 खास बातें :

1 . भस्म आरती :

क्या आप भी मध्य प्रदेश की तीर्थ नगरी उज्जैन में स्थित महाकाल ज्योतिर्लिंग के भस्म आरती के बारे में पहले से जानते हैं यदि नहीं तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि यहां पर हर दिन सुबह भस्म आरती होती है। अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इसमें कौन सी बड़ी बात है। लेकिन इसकी खासियत ये है कि यहां पर हर दिन ताजा मुर्दे की भस्म से महाकाल का सिंगार किया जाता है। लेकिन यदि आप भी इस आरती में शामिल होना चाहते हैं तो उसके लिए आपको पहले से ही बुकिंग करने की आवश्यकता होती है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस भस्म आरती की कितनी महत्व होगी जिसके लिए लोग बुकिंग करने के लिए परेशान रहते हैं।

2 . जूना महाकाल :

जब आप महाकाल का दर्शन कर लेंगे तब आपको वहां पर जूना महाकाल का दर्शन करना भी काफी आवश्यक हो जाता है। 

3 . तीन महाकाल विराजमान है उज्जैन में :

यदि आप उज्जैन में महाकाल का दर्शन करने जा रहे हैं तो वहां पर आपको तीन महाकाल का दर्शन करने को मिलेगा। पहला काल भैरव, महाकाल, गढ़कालिका और तीसरा अर्ध काल भैरव। 

4 . 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे विशेष :

उज्जैन में 12 ज्योतिर्लिंग स्थिर है और इन 12 ज्योतिर्लिंगों में से सबसे खास ज्योतिर्लिंग की बात करें, तो वह सिर्फ एक शिवलिंग ही है। यदि आप उज्जैन में दर्शन करने जाएंगे, तो वहां के पंडितों से इस विशेष शिवलिंग के बारे में जरूर पूछें, तो वहां से आपको पता चलेगा कि इस शिवलिंग का महत्व कितना अधिक है।

5 . महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के तीन हिस्से है :

आज के समय में जब आप उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन करेंगे, तो वहां पर जाकर आपको पता चलेगा कि इस ज्योतिर्लिंग के तीन खंड हैं। यदि हम इन तीनों हिस्सों की चर्चा करें तो निचले खंड में महाकालेश्वर, दूसरे हिस्से में ओम्कारेश्वर और तीसरे हिस्से में नागचंद्रेश्वर शिवलिंग है। नागचंद्रेश्वर शिवलिंग का दर्शन आपको साल में सिर्फ एक बार वह भी नाग पंचमी के दिन करने को ही मिलेगा।

6 . गर्भगृह का दृश्य :

गर्भगृह में विराजमान भगवान महाकालेश्वर का एक बहुत ही बड़ा दक्षिणमुखी शिवलिंग है। यहां पर भी आप दर्शन कर सकते हैं। दक्षिण मुखी शिवलिंग का दर्शन कर के आपका मन प्रफुल्लित हो उठेगा। 

7 . उज्जैन के राजा :

क्या आप जानते हैं कि उज्जैन के राजा कौन है, यदि नहीं तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि उज्जैन के राजा सिर्फ एक ही है और उनका नाम है महाकालेश्वर बाबा। कहा जाता है कि विक्रमादित्य के राज पाठ के बाद यहां पर कोई भी राजा रात में नहीं रुक सकता है।

इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि जो भी राजा उज्जैन पहुँच कर बाबा महाकाल का दर्शन नहीं करता है और रात भर उज्जैन में रुकता है उसका वह आखिरी रात होता है। 

8 . आखिर महाकाल का क्या मतलब होता है :

क्या आप जानते हैं कि महाकाल का क्या मतलब होता है यदि नहीं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाकाल के दो मतलब होते है एक तो वक्त और दूसरा मौत।

9 . आखिर इस शिवलिंग की स्थापना किसके द्वारा हुई थी :

वैसे स्पष्ट रूप से देखा जाए तो इसकी जानकारी अभी तक नहीं हो। लेकिन पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस शिवलिंग की स्थापना भगवान शिव के आशीर्वाद से राजा चंद्रसेन के माध्यम से किया गया था।

10 . महाकाल की सवारी :

यदि हम महाकाल की सवारी की चर्चा करें, तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि महाकाल की सवारी में कोई भी व्यक्ति नशा करके शामिल नहीं होता है। महाकाल मंदिर के चारों ओर शिव जी का ही कीर्तन सुनाई देगा। कहते है कि सारा शहर शिव जी के शादी में बाराती बनकर झूम उठता है।

Frequently Asked Questions

1. महाकाल मंदिर कहाँ है ?

महाकाल मंदिर उज्जैन में हैं। 

2. क्या महाकाल बाबा, भगवान शिव का ही दूसरा रूप है ?

जी हाँ, महाकाल बाबा, भगवान शिव का ही दूसरा रूप है।

3. गढ़कालिका माता का मंदिर कहाँ है ?

गढ़कालिका माता का मंदिर उज्जैन में है। 

4. माता हरसिद्धि का मंदिर कहाँ है ?

माता हरसिद्धि का मंदिर उज्जैन में है।