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विवाह में देरी के कारण | विवाह में होने वाली देरी से कैसे बचें?

विवाह में देरी के कारण | विवाह में होने वाली देरी से कैसे बचें?

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विवाह, एक सरल शब्द है, लेकिन ज्योतिष की दुनिया में इसका एक अत्यधिक जटिल अस्तित्व है। बहुत सारे ग्रह ऐसे हैं जिन्हें या तो एक साथ मिलकर या अलग-अलग एक कुंडली में विवाह लग्न घटित होने के लिए आना पड़ता है। लग्न को प्रभावित करने वाले मुख्य ग्रह हैं शुक्र, बृहस्पति, शनि, मंगल, सूर्य, राहु और केतु। विवाह ज्योतिष में देरी के बारे में यह गाइड आपको विवाह या शादी के समय का निर्धारण करने में इन सभी ग्रहों के भूमिका के माध्यम से ले जायेगा और विवाह में होने वाली देरी से बचने के लिए कई समाधान भी बताएगा।

 
विवाह में होने वाली देरी के लिए ग्रहों की योजना                                   

पहली बात जो आपको पता होनी चाहिए वह यह है कि जन्म कुंडली में 7th भाव एक ऐसा भाव है जो विवाह या शादी का भाव या घर है और शुक्र 7th भाव का शासक ग्रह है। एक आदर्श परिदृश्य या सिनेरियो – 7th भाव में शुक्र – पुरुषों के लिए है। महिलाओं के विवाह के लिए आदर्श मेल 7th भाव में बृहस्पति का होना।

क्या यह आसान नहीं होता अगर ये सब सिर्फ शुक्र और बृहस्पति के बारे में ही होता? लेकिन, सच कहा जाए, तो शादी का समय सिर्फ इन दो ग्रहों या अकेले 7th भाव के वजह से तय नहीं किया जा सकता। यहाँ और भी अन्य ग्रहें और भाव भी जिम्मेवार हैं।

  • शनि, सूर्य, मंगल, राहु और केतु की स्थिति से विवाह में देरी हो सकती है।
  • 8th भाव और 12th भाव भी विवाह लग्न को प्रभावित करते हैं।

अब, आइए ग्रहों और उनके बुरे प्रभावों के कारण विवाह ज्योतिष (Marriage Astrology) में देरी के बारे में बात करते हैं।

विवाह ज्योतिष में देरी और सूर्य 

7th भाव में सूर्य हमेशा शादी में देरी के पीछे का कारण नहीं होता है। याद रखें, सूर्य तभी विवाह में देरी कर सकता है जब वह बहुत मजबूत स्तिथि में हो और 7th भाव में हो। इसलिए, अगर 7th भाव में सूर्य कमजोर है और कुछ अन्य ग्रह जो विवाह के पक्षधर हैं – जैसे बृहस्पति – मजबूत स्तिथि में हो, तो बृहस्पति सूर्य के प्रभाव को रद्द कर देगा।

हालांकि, अगर 7th भाव में सूर्य मजबूत स्तिथि में हो, तो यह दूसरे मजबूत ग्रह अथवा ग्रहों के साथ एक युद्ध के स्तिथि में मिलेगा। जो शादी में देरी का कारण बनता है।

याद रखने वाली बातें

  1. सूर्य विवाह में देरी का कारण बन सकता है यदि यह 7 वें घर में निर्णायक ग्रह के तौर पर हो।
  2. 7th भाव में कोई अन्य ग्रह मजबूत होने पर सूर्य विवाह के समय को प्रभावित नहीं कर पाता है।

    यह भी पढ़े – ज्योतिष में संतान योग- क्या यह जन्म के समय की भविष्यवाणी कर सकता है और क्या हैं संतानहीनता के उपाय?

विवाह ज्योतिष में देरी और शनि 

शनि ग्रह एक ऐसा ग्रह है जो कि 7th भाव के साथ बहुत ही खराब तरीके से जुड़ा हुआ है, जो कि शादी में होने वाली देरी का कारण बनता है । हालांकि इसके इरादे बुरे नहीं होते हैं।

  1. शनि एक कठोर ग्रह नहीं है लेकिन यह जीवन के पाठ को कठोर तरीके से सिखाता है।
  2. याद रखें, यदि शनि एक ऐसा ग्रह है जो आपके विवाह को रोक रहा है, तो इसका मतलब है कि अभी आपका शादी करने का सही समय नहीं है। मतलब, आप शादी के लिए तैयार नहीं हैं।

कहते है कि, यदि शनि विवाह में देरी का कारण होता है, तो आप 32 साल की उम्र के बाद ही शादी करेंगे।


विवाह
ज्योतिष में देरी और मंगल

मंगल ग्रह, यदि कुंडली में हो, तो मंगल दोष का कारण बनता है। यदि आपका मांगलिक दोष है, तो कम उम्र में या गैर-मांगलिक विवाह करने का परिणाम जीवनसाथी के लिए जानलेवा हो सकता है। यदि आपका मांगलिक दोष है, तो आपको 28 वर्ष की आयु के बाद ही विवाह करने की सलाह दी जाती है।

विवाह ज्योतिष में देरी और राहु केतु 

राहु और केतु, यदि 7th  भाव को प्रभावित करते हैं, तो विवाह में देरी का कारण बनते है। कहते कि, राहु और केतु के कारण विवाह में होने वाली देरी को अन्य मजबूत ग्रहों या राहु और केतु के स्वामी द्वारा दूर किया जा सकता है।

विवाह में होने वाली देरी से बचने के उपाय 

कई ज्योतिषीय तरीके हैं जिनके द्वारा आप वास्तव में विवाह में होने वाली देरी से बच सकते हैं। यदि आपकी शादी में भी देरी हो रही है, तो विवाह में होने वाली देरी से बचने के लिए निम्नलिखित तरिके निश्चित रूप से बहुत मददगार सिद्ध होंगे ।

विवाह में होने वाली देरी से बचने के लिए लड़कियों को जो करना चाहिए 

  1. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सोलह सोमवर का व्रत रखें। शिवलिंग पर दूध और फूल भी चढ़ा सकते हैं।
  2. प्रतिदिन गौरी-शंकर मंत्र का जाप करें।
  3. प्रतिदिन गाय को ताजा चारा खिलाएं।
  4. संत तुलसीदास की चौपाई का प्रतिदिन 108 बार पाठ करें।
  5. अम्बर रत्न पहनें। आप रत्न से बना शिवलिंग भी प्राप्त कर सकते हैं और इसे लॉकेट के रूप में पहन सकते हैं।
  6. लगातार 43 दिनों तक पीपल के पेड़ को पानी दें (मासिक धर्म के दिनों को छोड़ कर) और एक दीया भी जलाएं।
  7. गुरुवार को पीले कपड़े पहनें और शुक्रवार को 4 सप्ताह के लिए सफेद।
  8. जब आप किसी संभावित अथवा होने वाले दूल्हे के घर पर जाएं, तो अपने बाल खुले रखें।

विवाह में होने वाली देरी से बचने के सामान्य उपाय 

  1. रामचरितमानस में लिखें शिव पार्वती के श्लोकों को पूरी श्रद्धा के साथ याद करें।
  2. प्रतिदिन नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाएं। स्नान के बाद केसर का तिलक लगाएं।
  3. चंदन की लकड़ी से 108 बेल पत्रों पर ‘राम” लिखें। इन बेल पत्रों को शिवलिंग पर अर्पित करते समय “ओम नमः शिवाय” का जप करें।
  4. शुक्ल पक्ष में महिलाओं को सफेद रेशमी वस्त्र दान करें।
  5. जो भी ग्रह विवाह में देरी का कारण बन रहा है, उस ग्रह के सत्तारूढ़ देवताओं की मिट्टी की मूर्ति बनाएं और उनसे प्रार्थना करें।

Frequently Asked Questions

1. किन ग्रहों के कारण विवाह में देरी होती है?

शनि, मंगल, सूर्य, राहु और केतु ऐसे ग्रह हैं जो विवाह में होने वाली देरी का कारण बनते हैं।

2. विवाह में होने वाली देरी के लिए सबसे अच्छा उपाय क्या है?

जरूरतमंद और गरीबों को दान करना और भगवान शिव की पूजा करना विवाह में होने वाली देरी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

3. क्या 7th भाव में सूर्य विवाह में होने वाली देरी का कारण बन सकता है?

हाँ। यदि 7th भाव  में सूर्य निर्णायक (सबसे मजबूत) ग्रह है, तो यह विवाह में होने वाली देरी का कारण बन सकता है।

4. विवाह में होने वाली देरी से बचने के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?

विवाह में देरी से बचने के लिए गौरी-शंकर मंत्र सबसे शक्तिशाली मंत्र है। पूरी श्रद्धा के साथ इसे रोज पाठ करें।

5. यदि विवाह में होने वाली देरी का कारण शनि है तो मैं शादी कब करूंगा?

आप शायद 32 साल की उम्र के बाद ही शादी कर पाएंगे।

6. देर से विवाह करने का कारण क्या है?

कमजोर शुक्र और कमजोर बृहस्पति ऐसे कारण हैं जो आपकी शादी में अनिश्चित काल तक देरी करवा सकते हैं।

Check out the English Translation of this Article
A Guide on Delay in Marriage Astrology – How to Avoid a Delay in Marriage?

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